ट्रंप ने आईएस के खिलाफ छेड़ी जंग अफगानिस्तान में गिराए सबसे बड़ा गैर परमाणु बम
अमेरिका ने पूर्वी अपकेंद्र अफगानिस्तान में शरण लिया इस्लामिक स्टेट आतंकियों के ठिकानों पर एक विशाल जी 20 43 बम गिराया है
अमेरिका अमेरिकी सेना ने कल गुरुवार को अफगानिस्तान के एक प्रांत में
पाकिस्तान की सीमा से सटे हुए क्षेत्र में अभी तक का सबसे बड़ा बम गिराया
है।
।जी ब्यूफोर्ट तीन बम से इस्लामिक स्टेट की गुफाओ और सुरंगों को निशाना
बनाया गया फर्स्ट टाइम ऐसा हुआ कि गैर परमाणु बम का इस्तेमाल कर कर किसी
आतंकवादी संगठन को निशाना बनाया गया है
अमेरिका
के रक्षा मंत्रालय पेंटागन ने 95 25 किलो वजन वाले JB 43 बम अचिन जिले में
गिराए जाने की पुष्टि की ।
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अमेरिका ने यह काम इसी क्षेत्र में आईएस के
साथ युद्ध के में सेना के एक विशेष बल ग्रीन बेल्ट के कमांडो के मारे जाने
के कुछ दिन बाद किए। सेना सूत्रों ने सीएनएन टीवी को बताया कि इस से होने
वाले नुकसान का जायजा लेने के लिए एक टीम तैयार की गई है, और वह अफगानिस्तान
भेजी गई है। GPS निर्देशित बम अफगानिस्तान में पहले से ही रखा गया था अर्थात
बम को पहले से ही अफगानिस्तान में लेकर आया गया था और वही से उसको गिराया
गया था। इसलिए अमेरिका ने आईएस के खिलाफ एक जंग छेड़ दी है जिससे IAS के
काफी काफी ठिकानों को नुकसान पहुंचा है और वहां पर बम गिराए जाने से काफी
नुकसान होने की आशंका भी जताई जा रही है परंतु इससे आतंकी संगठन आईएसआईएस
के कितने नुकसान किस से हुआ है यह अभी बता पाना असंभव है यह तो केवल यह तो
केवल जांच टीम के जाने के बाद ही पता लगेगा और उनकी रिपोर्ट के सपने के
बाद ही यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि कितना नुकसान हुआ ह।
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GPS निर्देशित
बम अफगानिस्तान में पहले से ही रखा गया था अर्थात एल्बम को पहले से ही वहां
पर रखकर और पहले से ही इसके लिए योजना तैयार कर ली गई थी ।यह सिर्फ वहां पर
अभी आधिकारिक रुप से पुष्टि की है कि वहां पर गिरा दिया गया है
। अफगानिस्तान में आईएस के ठिकानों पर बांध एयरफोर्स स्टेशन ऑपरेशंस कमान
द्वारा संचालित एम सी 130 विमान से गिराया। जी ब्यूफोर्ट 3 का अधिकारी का
नाम मास्टर ब्लास्टर बंद है इसे मदर ऑफ ऑल बंबइ का जाता है इसके विशालता के
कारण इस को मदद ऑफ और बम कहा जाता है
बम का परीक्षण
2003 में किया गया था लेकिन इसका इस्तेमाल पहली बार किया गया अर्थात इस
बात से पता लगाया जा सकता है कि अमेरिका के पास यह बम 2003 और उससे पहले से
ही है लेकिन अमेरिकन इसका इस्तेमाल अभी तक नहीं किया था और इसका इस्तेमाल
पहली बार IAS के ठिकानों को अफगानिस्तान में नुकसान पहुंचाने के लिए वहां
तबाह करने के लिए इस्तेमाल किया गया है तो इससे अफगानिस्तान में पल रहे
आतंकी संगठन आईएसआईएस क्या काफी नुकसान हुआ है 21000 पौंड वाले इस बम की
विशालता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पिछले सप्ताह सीरिया में
दागे गए टॉम होप क्रूज मिसाइल का वजन 1000 पौंड ka था तो यह उस से 21 गुना
ज्यादा शक्तिशाली है इसी बात से इसकी विध्वंस था का पता लगाया जासकता है ।
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