Thursday, April 13, 2017

पाकिस्तानी संसद में हिंदू विवाह विधेयक पारित


            

    पाकिस्तानी संसद में हिंदू विवाह विधेयक पारित

 

 
पाकिस्तानी संसद सीनेट में 18 फरवरी 2017 को हिंदुओं से संबंधित एक विधेयक पारित हुआ है जिसको हिंदू विवाह विधेयक 2017 कहां गया यह काफी लंबा विवादित विधेयक का जो काफी संशोधन के बाद ही संसद में पास किया गया है तथा संसद के निचले सदन नेशनल असेंबली इसे 26 सितंबर 2015 को ही पास कर चुका था|

 हिंदू विवाह विधेयक 2017 के पास होने पर पाकिस्तान में हिंदुओं की स्थिति में काफी सुधार आएगा और काफी सुधार आने की संभावना है क्योंकि पहली बार हिंदू समुदाय को वहां पर अल्पसंख्यक का दर्जा प्राप्त कर हुआ है| इससे वहां पर महिलाओं की स्थिति में भी सुधार आने की काफी संभावना बताई जा रही है बिकॉज़ क्योंकि इससे महिलाओं के जबरन धर्मांतरण मुद्दों पर भी विराम लगाया जा सकेगा| और साथ ही पाकिस्तान में हिंदुओं की शादी को साथियों को पंजीकृत किया जा सकेगा अब तक हिंदुओं की शादी पंजीकृत नहीं की जाती थी जिसे पाकिस्तान में हिंदू समुदाय ने असुरक्षा की भावना व्याप्त थी परंतु अभी राष्ट्रपति के हस्ताक्षर होने बाकी है राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के बाद विधेयक का कानून के रूप में क्रियान्वन होगा |
 

 

                प्रमुख प्रावधान

·         1. लड़के लड़कियों के लिए शादी की न्यूनतम आयु 18 वर्ष निर्धारित की गई |

·         2.  विधायक शादी शादी के पंजीकरण तलाक और दोबारा शादी के मामलों पर लागू होगा 

·          3.महिलाओं को शादी का सरकारी सबूत प्राप्त होगा और कुछ सुविधाएं भी प्राप्त होगी |

·          4. विवाह विच्छेद के लिए न्यायालय में अर्जी की अनिवार्यता होगी |
·         विवाह के नियमों का उल्लंघन करने पर दोषी को सजा का प्रावधान कर दिया गया है |

·        5.  दोबारा शादी का प्रावधान कर दिया गया |

·           6. यह हिंदू विवाह विधेयक 2017 पंजाब ब्लूचिस्तान और पख्तूनख्वा प्रदेशों में लागू होगा इस कानून के अमल में आने के बाद मुस्लिमों में निकाहनामा की तर्ज पर पंडित शादी प्रथम या कराएंगे तत्पश्चात संबंधित सरकारी विभाग में शादी का पंजीकरण होगा |
 

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